क्रिकेट से संन्यास ले चुके इंडियन टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अब सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स के लिए IPL मे खेलते है। इस वजह से उनको बाकी दिनों मे क्रिकेट से ब्रेक होता है। इसी ब्रेक मे धोनी एक इवेंट मे शिरकत की जहा उनसे कई सवाल पूछे गए जैसे की, वो हमेशा शांत कैसे रहते है? वो pressure कैसे हैंडल करते है? वो मैच को आखिर तक क्यों ले जाते है और इसके साथ ही एक और सवाल पूछा गया की अगर उनको पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज इंजमाम उल हक के साथ अगर विकेट के बीच रनिंग करनी पड़े तो क्या करेंगे? क्युकी इंजमाम उल हक रनिंग करने मे बेहद slow है और धोनी विकेट के बीच रनिंग करने मे बेहद तेज है। इसपर धोनी ने बेहद ही सुंदर जवाब दिया।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान धोनी ब्रेक का दमदार आनंद उठा रहे है । कुछ दिनों पहले धोनी गोल्फ खेलते हुए दिखाई दिये थे, तो उससे पहले उनको कई बार टेनिस टूर्नामेंट मे देखा गया है। इसी बीच हाल ही मे धोनी लिवफ़ास्ट इवेंट मे गए थे। वहा विक्रम सठाये ने उनसे काफी मजेदार सवाल पूछे। धोनी ने भी उन सबका अच्छी तरह से जवाब दिया। धोनी ने ये भी बताया की कप्तानी करते वक्त उनकी सोच क्या होती है। किस तरह से वो हर प्लेयर से उसकी बेस्ट पेरफॉर्मांस निकालते है।
विक्रम ने धोनी से एक सवाल पूछा की कैसे वो इतने शांत रहते है? इसपर धोनी ने बताया की,मै जब ग्राउंड पे होता हु, तो सोचता हु की हम लोग ग्राउंड कोई भी किन ना हो,वो किसी तरह की गलती नही करना चाहते। चाहे वो कैच ड्रॉप करना हो,चाहे वो मिसफील्डिंग हो या कुछ और गलती हो। मै उस वक्त ये सोचता हु की कैच किस वजह से छूटा? क्युकी गुस्सा होने से कुछ नही होता। करोडो लोग मैच देख रहे होते है और मै उस वक्त गुस्सा नजर करता क्युकी अगर कोई प्लेयर ग्राउंड मे 100% एटेंटिव और फिर भी उससे कैच छूटता है तो उससे मुझे कोई प्रॉब्लम नही है। मै ये देखता हु की क्या कैच छोड़ना उसकी कमजोरी है और क्या वो अपनी इस कमजोरी को दूर करने के लिए प्रैक्टिस मे मेहनत कर रहा है? मै भी एक इंसान ही हु और मुझे भी बुरा लगता है, क्युकी अगर सिर्फ अगर हम सब आपस मे मैच खेले तो वहा भी बुरा लगता और हम लोग तो देश के लिए खेल रहे है, वहा तो और भी ज्यादा बुरा लगता है। लेकिन हम हमारे इमोशन को काबू करने की कोशिश करते है। बाहर से बोलना आसान होता है, की ये कैसा खेल रहा है लेकिन वहापर खेलना आसान नही है, क्युकी जैसे हम हमारे देश के लिए खेल रहे है वैसेही दूसरी टीम भी खेल रही होती है।
इसके बाद होस्ट ने धोनी से ये पूछा की जैसे मैंने कुलदीप यादव, यूज़ी चहल से बात की है तो वो कहते है की, माही भाई का कहना होता है की पहले तुम्हारा प्लान बताओ वो ट्राई करेंगे उसके बाद अगर वो नही चला तो मेरे पास बैकअप प्लेन है। तो क्या ये आपकी लीडरशिप की स्ट्रैटर्जी है? तो इसका जवाब देते हुए धोनी ने कहा की, जब की प्लेयर इंडियन टीम मे चुना जाता है, तो इसका मतलब उसने पहले डोमेस्टिक लेवल पर अच्छा खेल दिखाया है, मतलब उस प्लेयर मे ability है, टैलेंट है,इसिलिए वो वहा तक पहुंचा है।मै उन प्लेयर्स का स्किलसेट तो जानता हु,लेकिन वो प्लेयर अलग- अलग pressure की situation मे कैसे परफॉर्म करता है ये मुझे नही पता होता। इस वजह से मै उनको कहता हु की तुम पहले अपने प्लान के हिसाब से खेलो। ऐसा करने की वजह से मुझे भी अपना प्लान बनाने के लिए टाइम मिल जाता है।
इसी सवाल को जुड़ते हुए, होस्ट ने एक मजाकिया अंदाज मे सवाल पूछा की क्या हो अगर आपको, इंजमाम उल हक के साथ दौड़ना पड़े, तो आप उसको कैसे मैनेज करेंगे? धोनी ने इसका जवाब देते हुए कहा, की अगर मे इंजी भाई के साथ भागूँगा तो मुझे अपनी स्पीड कम करनी पड़ेगी, नही तो रन आउट होना तय है।
धोनी को होस्ट ने एक और सवाल पूछा की जैसे, अगर कोई exam के लास्ट दिनों मे पढ़कर अच्छे मार्क लता है,तो उसकी तारीफ होती है। उसी तरह जब आप लास्ट बॉल पर सिक्स मारकर जीतते है तो आपको भी लोग कहते है, की क्या कमाल का क्रिकेटर है? क्या मै सही कह रहा हु? धोनी ने इसका जवाब देते हुए कहा, की स्कूल मे मै साल भर पढाई करता था, इसलिए ठीक थाक मार्क आजाते थे। लेकिन अगर क्रिकेट की बात करे, तो मै भी चाहूंगा की मैच 35 ओवर मे खत्म हो जाए। मै भी चाहूंगा की मेरी बैटिंग ही नही आये और इंडिया जीत जाए,जिससे मुझे pressure नही लेना पड़ेगा। लेकिन जब रन chase करने की बात आती है और मै 6th नंबर पर बेटिंग करता था, तो मै ये देखता था , की कितने रन बचे हुए है? मै कोणसे बॉलर को मार सकता हु? हमारे कितने batsman बचे हुए है? इस हिसाब से मै खेलता था। मेरा लक्ष ये नही रहता था की मै 49 वे या 50 वे ओवर तक मैच लेकर जाऊ, बल्कि मेरा लक्ष ये होता था की मै आने वाले बॅलेबाजो के लिए जितने कम रन हो सके उतने कम रन बचा सकु, ताकि उनपर भी का pressure हो। मेरी कोई तमन्ना नही होती थी की, लास्ट ओवर तक मैच जाए। लेकिन कभी कभी ऐसा हो जाता था।